मंदिर
स्वामीनारायण मंदिर द्वारका
संगमरमर वास्तुकला और शांत बगीचों वाला सुव्यवस्थित स्वामीनारायण मंदिर — व्यस्त द्वारकाधीश मंदिर का शांत विकल्प।
समय
सुबह: 7:00 AM – 11:00 AM | शाम: 4:00 PM – 7:00 PM
दूरी
द्वारकाधीश मंदिर से 1.5 km
प्रवेश शुल्क
निःशुल्क प्रवेश
उपयुक्त समय
आरती समय: 7:00 AM और 7:00 PM
द्वारका का स्वामीनारायण मंदिर भगवान स्वामीनारायण को समर्पित है, स्वामीनारायण संप्रदाय के 18वीं-सदी संस्थापक। सफ़ेद संगमरमर, जटिल नक्काशी और शांत बगीचे पास भीड़ वाले द्वारकाधीश मंदिर से बहुत अलग अनुभव देते हैं। परिसर अन्नक्षेत्र भी चलाता है — यात्रियों को निःशुल्क भोजन देने वाली सामुदायिक रसोई।
इतिहास
स्वामीनारायण मंदिर पारंपरिक स्वामीनारायण शैली मानता है — सफ़ेद संगमरमर, नक्काशीदार स्तंभ और शांत मध्य प्रांगण। गर्भगृह में भगवान स्वामीनारायण का केंद्रीय विग्रह है, संप्रदाय के अन्य देवताओं से घिरा। अन्य स्वामीनारायण मंदिरों की तरह यह निर्मल साफ़ रखा जाता है।
परिसर में प्रार्थना सभा, बगीचे और अन्नक्षेत्र (सामुदायिक रसोई) हैं। दोपहर धूप में सफ़ेद संगमरमर और सँवारे बगीचे मुख्य मंदिर भीड़ से दूर सुखद पड़ाव बनाते हैं।
समय
मंदिर प्रतिदिन इन सामान्य समयों पर खुला रहता है:
- सुबह दर्शन: 7:00 AM – 11:00 AM
- शाम दर्शन: 4:00 PM – 7:00 PM
- सुबह आरती: 7:00 AM
- शाम आरती: 7:00 PM
आरती समय — 7 AM और 7 PM — जब मंदिर भक्ति गान और देवताओं के सामने दीप आरती से भरता है।
धार्मिक महत्व और BAPS
स्वामीनारायण संप्रदाय हिंदू संप्रदाय है जिसकी स्थापना भगवान स्वामीनारायण (1781–1830) ने की, जिन्हें अनुयायी ईश्वर का अवतार मानते हैं। संप्रदाय की गुजरात में महत्वपूर्ण उपस्थिति है, और द्वारका मंदिर राज्य भर कई स्वामीनारायण मंदिरों में से एक है।
स्वामीनारायण मंदिर की सबसे उल्लेखनीय विशेषताओं में अन्नक्षेत्र है — सामुदायिक रसोई जो यात्रियों और आगंतुकों को निःशुल्क या अत्यधिक सब्सिडी भोजन देती है। भूखे को खिलाने की यह परंपरा स्वामीनारायण संप्रदाय के केंद्र में है, जो सेवा (निःस्वार्थ सेवा) पर बल देता है।
कैसे पहुँचें
मंदिर द्वारकाधीश मंदिर से 1.5 km है, मुख्य द्वारका बस स्टैंड से छोटी दूरी। पहुँच:
- पैदल: मुख्य मंदिर क्षेत्र से सुखद 15-मिनट पैदल।
- ऑटो-रिक्शा: 5-मिनट सवारी ₹30–₹50।
मंदिर रुक्मिणी देवी मंदिर के निकट है, इसलिए दोनों एक ही यात्रा में देखे जा सकते हैं। अधिकांश स्थानीय दर्शनीय टैक्सियाँ स्वामीनारायण मंदिर को द्वारका परिक्रमा का पड़ाव रखती हैं।
स्वामीनारायण मंदिर के पर्व
स्वामीनारायण मंदिर प्रमुख पर्व विशेष सजावट, विस्तारित दर्शन घंटे और सामुदायिक भोज से मनाता है। स्वामीनारायण जयंती (भगवान स्वामीनारायण की जन्मतिथि, आमतौर पर अप्रैल) सबसे महत्वपूर्ण पर्व है, विस्तृत आरती, भजन और हज़ारों भक्तों के लिए अन्नक्षेत्र भोज से चिह्नित।
दीपावली और अन्नकूट (गोवर्धन पूजा) भी बड़ी भक्ति से मनाए जाते हैं, देवताओं के सामने शाकाहारी भोजन अर्पण के पर्वत प्रदर्शन सहित। होली पर मंदिर भक्ति गान और रंगीन पाउडर के साथ आनंदमय उत्सव आयोजित करता है। त्योहार सप्ताह बड़ी भीड़ खींचते हैं, इसलिए दर्शन के लिए जल्दी पहुँचें।
अन्नक्षेत्र और सेवा संस्कृति
स्वामीनारायण मंदिर का अन्नक्षेत्र संप्रदाय की सेवा परंपरा के हिस्से के रूप में यात्रियों को खिलाता है — भोजन सादा, शाकाहारी, और आमतौर पर मुख्य गर्भगृह नहीं, रसोई ब्लॉक के पास सभा में परोसा जाता है। सेवा खिड़कियाँ दिन और त्योहार भार से बदलती हैं; कतार से पहले मंदिर कार्यालय बता सकता है दोपहर भोजन चल रहा है या नहीं। बैठक अक्सर पारंपरिक शैली फर्श पर है; सभा में घुसने से पहले दिए नलों पर हाथ धोएँ। दान स्वैच्छिक है और दर्शन से अलग — सेवा खुली हो तो भोजन के लिए टिकट नहीं। स्वामीनारायण जयंती और दीपावली अन्नकूट पर समय फैलते हैं और भीड़ बढ़ती है; शांत थाली चाहिए तो उन दिनों दोपहर से पहले पहुँचें।
शांत दर्शन विकल्प
द्वारकाधीश मंदिर प्रांगण आरती के लिए भरा हो तो यह मंदिर दस मिनट पैदल पर सफ़ेद-संगमरमर शांति देता है। 7 AM से सुबह दर्शन और 7 PM शाम आरती चरम भक्ति क्षण हैं; 9 और 11 AM के बीच मध्य सुबह नक्काशीदार स्तंभ और प्रांगण की बिना जल्दबाजी फोटो के लिए अक्सर सबसे आसान है — गर्भगृह की ओर शूटिंग से पहले हमेशा पूछें। नगर के बस-स्टैंड तरफ़ से उसी ऑटो लूप पर रुक्मिणी जोड़ें ताकि सबसे व्यस्त बाज़ार गलियों से एक दिन दो बार न कटें।
संगमरमर प्रांगण और फोटोग्राफी
नक्काशीदार स्तंभ और मध्य गुंबद प्रांगण से सुबह छाया में अच्छी फोटो देते हैं — गर्भगृह की ओर शूटिंग से पहले सेवक से पूछें। जूते मुख्य द्वार बाहर रहते हैं; गर्म संगमरमर पर मोज़े ठीक हैं। त्योहार सप्ताह अन्नकूट प्रदर्शन और जूता स्टैंड पर लंबी कतार जोड़ते हैं — जूतों के लिए छोटा थैला दर्जनों जोड़ों में खोज बचता है।
रुक्मिणी और ISKCON से जोड़ना
ऑटो चालक इस मंदिर को नगर आधे दिन लूप पर द्वारकाधीश और रुक्मिणी के बाद मानक तीसरा पड़ाव जानते हैं। तीन पड़ावों के लिए तय किराया ₹80–₹120 बाज़ार से तीन अलग मोलभाव से सस्ता है। 7 PM शाम आरती जगत मंदिर संध्या से छोटी है — दीप विधि चाहिए परिवारों के लिए अच्छी जो सबसे बड़ी भीड़ नहीं चाहते।
इतिहास
द्वारका का स्वामीनारायण मंदिर भगवान स्वामीनारायण (1781–1830) द्वारा स्थापित स्वामीनारायण संप्रदाय का है। सफ़ेद संगमरमर निर्माण, नक्काशीदार स्तंभ और अन्नक्षेत्र सामुदायिक रसोई संप्रदाय के स्वच्छ पूजा और सेवा बल को दर्शाते हैं। यह भीड़ वाले मुख्य कृष्ण मंदिर का शांत विकल्प देता है।
कैसे पहुँचें
द्वारकाधीश मंदिर से 1.5 km बस स्टैंड के पास। 15 मिनट पैदल, या ऑटो ₹30–₹50। मानक दर्शनीय ऑटो इसे रुक्मिणी और ISKCON के साथ नगर लूप पर शामिल करते हैं (तीन पड़ाव ₹80–₹120)।
समय
सुबह दर्शन 7:00 AM – 11:00 AM; शाम 4:00 PM – 7:00 PM। आरती 7:00 AM और 7:00 PM — चरम भक्ति क्षण। अन्नक्षेत्र दोपहर सेवा बदलती है; कतार से पहले कार्यालय पूछें।
सुझाव
अन्नक्षेत्र खुला हो तो निःशुल्क शाकाहारी भोजन — दान स्वैच्छिक। गेट पर जूते उतारें; गर्म संगमरमर पर मोज़े ठीक। मध्य सुबह 9–11 AM प्रांगण फोटो के लिए सबसे शांत (गर्भगृह की ओर शूटिंग से पहले पूछें)। यहाँ शाम आरती जगत मंदिर संध्या से छोटी है — परिवारों के लिए अच्छी।
सुझाव
जगत मंदिर आरती के लिए भीड़ चरम पर हो तो यह मंदिर संगमरमर-प्रांगण शांति 10 मिनट पैदल देता है। अन्नक्षेत्र भोजन सादा, शाकाहारी और फर्श-बैठक है — घुसने से पहले नलों पर हाथ धोएँ। दान स्वैच्छिक है और दर्शन से अलग। त्योहार सप्ताह (स्वामीनारायण जयंती, दीपावली अन्नकूट) जूता स्टैंड कतार बढ़ाते हैं — हल्का सफर करें।
बस-स्टैंड तरफ़ से ऑटो लूप सबसे व्यस्त स्वर्ग द्वार गलियों से कटे बिना इस मंदिर पहुँचते हैं — एक हॉप में रुक्मिणी–स्वामीनारायण–ISKCON माँगें। 7 PM शाम आरती जगत मंदिर संध्या से छोटी है, थके परिवारों के लिए उपयोगी।
अन्नक्षेत्र और शांत दर्शन
द्वारकाधीश कतार एक घंटे पार करे तो संगमरमर प्रांगण शांति के लिए स्वामीनारायण मंदिर सरक जाता हूँ। अन्नक्षेत्र (निःशुल्क भोजन) दोपहर के आसपास चलता है — कार्यालय स्टाफ पूछें, निरंतर सेवा न मानें। बाहरी संगमरमर फोटो आमतौर पर ठीक; अंदर लगे साइन मानें।
समय और त्योहार सप्ताह
| सत्र | घंटे (सामान्य) | भीड़ |
|---|---|---|
| सुबह दर्शन | ~7:30 AM – 12:00 PM | कम–मध्यम |
| दोपहर | ~12:00 – 4:00 PM | शांत |
| शाम आरती | ~6:30 – 8:00 PM | रविवार अधिक |
द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1 km — पैदल योग्य। रुक्मिणी मंदिर ऑटो लूप से जोड़ें (कुल हॉप ₹80–₹120)। स्वामीनारायण जयंती और दीपावली परिसर सुंदर सजाते हैं — प्रांगण देखने तीस मिनट जोड़ें।
वास्तुकला और शांत दर्शन
सफ़ेद संगमरमर, नक्काशीदार स्तंभ और मौन जूता रैक इसे द्वारकाधीश शोर से अभिभूत रिश्तेदारों के लिए मेरी सिफारिश बनाते हैं। व्हीलचेयर पहुँच प्राचीन घाट सीढ़ियों से आसान है। दीपावली सप्ताह त्योहार प्रकाश दूसरी शाम यात्रा लायक है — मंदिर पट्टी से वही ₹30–₹50 ऑटो, साफ़ ट्रैफिक में 10 मिनट।
शांत यात्रा के सुझाव
निर्धारित रैक पर जूते उतारें; गर्म संगमरमर पर मोज़े वैकल्पिक। अन्नक्षेत्र — शांत खाएँ, बर्बादी नहीं। फोटो: बाहर हाँ, अंदर साइन जाँचें। मुख्य आरती घंटों द्वारकाधीश से कम भीड़ — आध्यात्मिक विराम के रूप में इस्तेमाल करें। त्योहार सप्ताह (स्वामीनारायण जयंती) शाम प्रकाश प्रदर्शन जोड़ते हैं; प्रांगण चमक के लिए सूर्यास्त से 30 मिनट पहले पहुँचें।
इतिहास — द्वारका में BAPS उपस्थिति
स्वामीनारायण परंपरा ने यह संगमरमर मंदिर संरचित दर्शन और अन्नक्षेत्र चाहने वाले यात्रियों की सेवा के लिए बनाया — चरम द्वारकाधीश घंटों से साफ़ कतारें। वास्तुकला छोटे पैमाने पर अक्षरधाम डिज़ाइन भाषा मानती है। त्योहार सप्ताह शाम प्रकाश जोड़ते हैं दूसरी यात्रा लायक।
कैसे पहुँचें और पार्किंग
द्वारकाधीश से 1 km — Lane Road से 15-मिनट पैदल। ऑटो ₹30–₹50; गेट सीमित कार पार्किंग। अंदर जूता रैक; पुराने घाटों से अलग मुख्य प्रवेश व्हीलचेयर रैंप। अन्नक्षेत्र लगभग 12–2 PM — यात्रा सुबह पुष्टि करें। शांत फोटो बिना फ्लैश के लिए शाम संगमरमर चमक 6–7 PM सबसे अच्छी।
समय — आरती सूची
सुबह आरती ~7:30 AM; शाम ~6:30 PM — कार्यालय पर पुष्टि करें। दोपहर 12–4 PM बुजुर्गों के लिए सबसे शांत। अन्नक्षेत्र निरंतर नहीं — भूखे प्रतीक्षा से पहले पूछें।
सुझाव — फोटो और मौन
संगमरमर प्रांगण फोटो हाँ; अंदर लगे नियम मानें। प्रार्थना सभा में मौन रखें — फोन वाइब्रेट पर। मुख्य मंदिर बाज़ार गलियों से कम दबाने वाले विक्रेता।
शांत विकल्प
द्वारकाधीश कतार 90 मिनट पार करे तो बुजुर्गों को शांत दर्शन और संगमरमर प्रांगण विश्राम के लिए यहाँ भेजता हूँ, शाम आरती वापसी से पहले।
शाम संगमरमर चमक
प्रांगण फोटो के लिए सूर्यास्त से 30 मिनट पहले पहुँचें; सफ़ेद संगमरमर फ्लैश बिना सुनहरी रोशनी परावर्तित करता है।
द्वारकाधीश से दूरी
Lane Road से लगभग 1 km — मुख्य मंदिर क्षेत्र भरा हो तो 15-मिनट पैदल या ₹30–₹50 ऑटो।
संपादक की स्थानीय सलाह
मुख्य द्वारकाधीश क्षेत्र भीड़ लगे तो यह अच्छा रीसेट पड़ाव है, खासकर सुबह या शाम आरती के आसपास। अन्नक्षेत्र इस्तेमाल करना हो तो दर्शन घंटों भोजन सेवा निरंतर न मानें, पहले मंदिर कार्यालय पूछें।
आम गलती
कई यात्री इसलिए निकल जाते हैं कि यह उनकी सख्त कृष्ण परिक्रमा का हिस्सा नहीं और नगर के सबसे साफ़, शांत मंदिर परिसरों में से एक चूक जाते हैं।
जाने से पहले जाँचें
चाहिए आरती समय, उस सत्र अन्नक्षेत्र सेवा चल रही है या नहीं, और परिसर का कोई भाग त्योहार कार्यक्रम के लिए आरक्षित तो नहीं — पक्का करें।
योजना सुझाव: आरती 7 AM और 7 PM। मुख्य द्वारका बस स्टैंड से छोटी पैदल। दिनवार यात्रा कार्यक्रम →
द्वारका यात्रा की योजना
लेखक
मुख्य संपादक और तीर्थ गाइड · स्वतंत्र द्वारका यात्रा गाइड
अंतिम अपडेट: August 17, 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
द्वारका से जुड़े आम प्रश्न
दर्शन समय, पहुँच, वस्त्र और बजट — यात्री सबसे अधिक यही पूछते हैं।
हाँ, मंदिर अन्नक्षेत्र (सामुदायिक रसोई) चलाता है जो यात्रियों को पौष्टिक शाकाहारी भोजन देता है।
सुबह आरती 7:00 AM और शाम आरती 7:00 PM है।
द्वारका के अन्य दर्शनीय स्थल
बेट द्वारका
अरब सागर में कृष्ण का द्वीप-घर — Sudarshan Setu से सड़क द्वारा या Okha की पारंपरिक फेर्री से पहुँचें।
और पढ़ें
Sudarshan Setu
Okha से बेट द्वारका तक भारत का सबसे लंबा केबल-स्टे पुल — इंजीनियरिंग विवरण, कृष्ण-थीम वॉकवे, सोलर पैनल, और यात्री वास्तव में कैसे इस्तेमाल करते हैं।
और पढ़ें
नागेश्वर ज्योतिर्लिंग
भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक, द्वारका से 18 km बेट द्वारका मार्ग पर — नगर से दिन की यात्रा का आमतौर पर पहला पड़ाव।
और पढ़ेंद्वारका यात्रा की योजना बना रहे हैं?
दर्शन समय, पहुँचने का मार्ग, पास के मंदिर और ठहरने की जगह — हमने सब एक जगह लिखा है, ताकि आप यात्रा पर ध्यान दे सकें। जय द्वारकाधीश।