Skip to main content
Devbhumi Dwarka — independent travel and pilgrimage guide Devbhumi Dwarka भगवान कृष्ण की नगरी
द्वारका रेलवे स्टेशन गाइड
यात्रा गाइड

द्वारका रेलवे स्टेशन गाइड

5 मिनट पढ़ें
ब्लॉग पर लौटें

यह गाइड द्वारका रेलवे स्टेशन, ट्रेन कनेक्शन और प्लेटफॉर्म सुविधाओं को विस्तार से बताती है; संक्षिप्त जानकारी के लिए देखें द्वारका कैसे पहुँचें

द्वारका रेलवे स्टेशन वह जगह है जहाँ ज़्यादातर यात्री ट्रेन से पहुँचते हैं। यह द्वारकाधीश मंदिर से सिर्फ़ 1.5 km पर है, वेस्टर्न रेलवे की अहमदाबाद–ओखा ब्रॉड-गेज लाइन पर। नीचे स्टेशन कोड, ट्रेन विकल्प, प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सुविधाएँ, और मंदिर या होटल तक पहुँचने का तरीका है।

द्वारका रेलवे स्टेशन कोड और लोकेशन

स्टेशन कोड DWK है। छोटा, काम चलाने लायक स्टेशन — प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, बुकस्टॉल, चाय की दुकानें। द्वारका शहर के बीच में, द्वारकाधीश मंदिर से लगभग 1.5 km (ऑटो से 5 मिनट, पैदल 15)। ज़्यादातर होटल और धर्मशालाएँ 1–2 km के अंदर हैं, इसलिए सामान रखकर जल्दी मंदिर जा सकते हैं।

स्टेशन गुजरात के पश्चिमी तट पर, देवभूमि द्वारका ज़िले में है। प्लेटफॉर्म छोटे हैं, साइनबोर्ड हिंदी और अंग्रेज़ी में। पहली बार आने वाले यात्री आसानी से समझ जाते हैं — बाहर ऑटो-टैक्सी खड़ी रहती हैं, मंदिर क्षेत्र थोड़ी ही दूरी पर है।

प्रमुख शहरों से द्वारका ट्रेनें

द्वारका रेलवे स्टेशन कई बड़े शहरों से सीधी ट्रेनों से जुड़ा है:

  • अहमदाबाद से: रात भर की यात्रा लगभग 9–10 घंटे। ओखा एक्सप्रेस और सौराष्ट्र मेल शामिल हैं।
  • मुंबई से: यात्रा लगभग 16–18 घंटे। द्वारका एक्सप्रेस और ओखा एक्सप्रेस लोकप्रिय विकल्प हैं।
  • दिल्ली से: लगभग 24–26 घंटे, आमतौर पर अहमदाबाद या राजकोट में बदलाव के साथ।
  • राजकोट से: सीधी ट्रेन से लगभग 5–6 घंटे।
  • वाराणसी से: तीर्थ सीज़न में सीधी ट्रेनें चलती हैं।

पास का ओखा रेलवे स्टेशन (30 km) लाइन का बड़ा जंक्शन है, खासकर उत्तर और पूर्व भारत की ट्रेनों के लिए ज़्यादा विकल्प हैं। अगर आपकी ट्रेन द्वारका की जगह ओखा जाती है, तो टैक्सी (₹600–₹800) या लोकल बस से द्वारका आ सकते हैं।

रेलवे स्टेशन की सुविधाएँ

सुविधाएँ साधारण हैं, लेकिन पर्याप्त: प्रतीक्षालय, टिकट काउंटर, बुकस्टॉल, चाय-नाश्ता। बड़ा फूड प्लाज़ा नहीं — लंबी यात्रा के लिए खाना साथ रखें। बाहर ऑटो-टैक्सी की कतार लगती है। स्टाफ यात्रियों की मदद का आदी है, स्टेशन आमतौर पर साफ़ और सुरक्षित रहता है।

सामान्य और आरक्षित यात्रियों के प्रतीक्षालय हैं, त्योहारों के हफ्ते भर जाते हैं। प्लेटफॉर्म पर पीने का पानी और साधारण शौचालय हैं। लेफ्ट-लगेज ऑफिस नहीं — सामान होटल ले जाएँ या छोटी दूरी के लिए कुली रख लें।

द्वारका रेलवे स्टेशन से द्वारकाधीश मंदिर

द्वारकाधीश मंदिर स्टेशन से सिर्फ़ 1.5 km है। आप कर सकते हैं:

  • पैदल: द्वारका की गलियों से सुहावनी 15 मिनट की सैर। किसी भी स्थानीय से "द्वारकाधीश मंदिर" पूछ लें।
  • ऑटो-रिक्शा: 5 मिनट की सवारी, ₹30–₹50। स्टेशन के बाहर ऑटो मिल जाते हैं।
  • कुली सेवा: भारी सामान हो तो स्टेशन पर कुली होटल या मंदिर तक बैग पहुँचा देते हैं।

ज़्यादातर यात्री पहले होटल में सामान रखते हैं, फिर दर्शन के लिए पैदल मंदिर जाते हैं। रास्ता मुख्य बाज़ार की गलियों से निकलता है — दिन में जीवंत और सुरक्षित।

स्टेशन से ऑटो और टैक्सी

स्टेशन निकास के बाहर दिन भर ऑटो खड़े रहते हैं। मंदिर क्षेत्र तक भाड़ा ₹30–₹50; स्टेशन से दूर होटल तक ₹50–₹100 समझें। मीटर शायद ही चलता है, बैठने से पहले भाड़ा तय कर लें।

लंबी दूरी के लिए टैक्सी मिलती है — ओखा जेट्टी, बेत द्वारका सर्किट, या बाहरी होटल तक। ओखा वन-वे टैक्सी ₹600–₹800। पूरे दिन की साइटसीइंग होटल या स्टेशन के पास टैक्सी स्टैंड से बुक करें (₹1,500–₹2,500)। पीक सीज़न में प्रीपेड ऑटो काउंटर चल सकता है; स्टेशन इंक्वायरी पर पूछ लें।

रेल यात्रा के ज़रूरी सुझाव

ट्रेन जल्दी बुक करें — खासकर अक्टूबर–मार्च, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों में सीटें जल्दी भर जाती हैं। द्वारका ट्रेनें फुल हों तो ओखा या राजकोट तक बुक कर बस या टैक्सी से आगे बढ़ें। लंबी यात्रा में खाना-पानी साथ रखें। प्रस्थान से 30 मिनट पहले स्टेशन पहुँचें; भीड़ रहती है। पहुँचने के बाद ज़्यादातर होटल इतने पास हैं कि चेक-इन करके सीधे मंदिर पैदल जा सकते हैं।

स्टेशन पर पहुँचने का समय

अहमदाबाद और मुंबई की रात की ट्रेनें अक्सर DWK पर 5 AM से 8 AM के बीच पहुँचती हैं — ठीक उसी समय द्वारकाधीश मंदिर पर मंगला आरती की भीड़ बढ़ रही होती है। सामान के साथ पहुँचे तो पहले स्टेशन या मंदिर पट्टी के होटल में बैग रख दें; लेन रोड के गेस्टहाउस और पास की धर्मशालाओं तक कुली मामूली शुल्क लेते हैं। यात्री ट्रेनें आमतौर पर प्लेटफॉर्म 1 पर रुकती हैं; इंक्वायरी बोर्ड देख लें क्योंकि त्योहार स्पेशल कभी-कभी बगल के प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करती हैं। पीक सीज़न में निकास के पास प्रीपेड ऑटो काउंटर लग सकता है — सड़क के ऑटो से तुलना करके ही ज़्यादा पैसे दें। प्रस्थान के लिए ध्यान रखें: संध्या आरती के बाद ओखा जाने वाली शाम की ट्रेनें भर जाती हैं; उन दिनों 45 मिनट पहले स्टेशन पहुँचें।

ओखा बनाम द्वारका स्टेशन

अगर ट्रेन द्वारका की जगह ओखा पर खत्म हो, तो ओखा स्टेशन के बाहर ऑटो-टैक्सी मंदिर पट्टी तक तीस किलोमीटर का सफर लगभग ₹600–₹800 में कराते हैं — देर रात पहुँच पर यह खर्च जोड़ लें। कुछ यात्री अगली सुबह बेत द्वारका फेरी के लिए ओखा पसंद करते हैं, लेकिन ज़्यादातर होटल DWK के पास ही हैं।

खर्च का संक्षिप्त हिसाब

DWK स्टेशन से मंदिर पट्टी: ऑटो से ₹30–₹50 (5 मिनट) या पैदल मुफ्त (15 मिनट)। पास के होटल तक एक बैग का कुली: ₹50–₹100। ट्रेन ओखा पर खत्म हो तो: द्वारका तक टैक्सी ₹600–₹800 (30 km)। अहमदाबाद से रात की यात्रा (~9–10 घंटे) के लिए AC क्लास बुक करें — नॉन-AC स्लीपर सस्ता है, लेकिन तीर्थ सीज़न (Oct–Mar, जन्माष्टमी) में भीड़ रहती है।

ट्रेन DWK पर 5 से 8 AM के बीच पहुँचे तो सीधे मंगला आरती पैदल जा सकते हैं — कुली और ऑटो तब तक सक्रिय रहते हैं। संध्या आरती के बाद प्रस्थान हो तो प्लेटफॉर्म 45 मिनट पहले पहुँचें; त्योहार हफ्तों में शाम की ओखा ट्रेनें जल्दी भर जाती हैं।

जन्माष्टमी और कार्तिक की स्पेशल ट्रेनें बगल के प्लेटफॉर्म पर लग सकती हैं — प्लेटफॉर्म 1 मानकर न चलें, डिपार्चर बोर्ड देखें। रिटायरिंग रूम हैं, लेकिन जल्दी बुक करें; ज़्यादातर यात्री मंदिर के पास धर्मशाला पसंद करते हैं।

संक्षिप्त जानकारी के लिए देखें द्वारका कैसे पहुँचें। DWK पर 5:00 से 8:00 AM की रात वाली पहुँच मंगला आरती की भीड़ से मिल जाती है — मैं लेन रोड की धर्मशाला में सामान रखता हूँ (₹300–₹800/रात) और पंद्रह मिनट में मंदिर पैदल जाता हूँ, स्टेशन निकास पर ऑटो की होड़ से बेहतर।

स्लीपर बनाम AC — अहमदाबाद से मैं क्या बुक करता हूँ

अहमदाबाद की 9–10 घंटे की यात्रा में क्लास का फ़र्क पड़ता है। नॉन-AC स्लीपर ₹200–₹400 बचाता है, लेकिन अक्टूबर–मार्च में त्योहार परिवारों से भर जाता है; 3AC में ₹400–₹700 और देकर आराम मिलता है। जन्माष्टमी और कार्तिक के लिए मैं 2–3 हफ्ते पहले बुक करता हूँ। DWK वेटलिस्ट हो तो ओखा (30 km) पर बर्थ अक्सर मिल जाती है — मंदिर पट्टी तक टैक्सी ₹600–₹800 जोड़ लें।

कुली, रिटायरिंग रूम और रात की पहुँच

पास की धर्मशालाओं तक कुली प्रति बैग ₹50–₹100 लेते हैं — उठाने से पहले तय कर लें। रिटायरिंग रूम हैं, काउंटर पर जल्दी बुक करें; ज़्यादातर यात्री लेन रोड के लॉज (₹300–₹800) पसंद करते हैं, मंदिर पैदल दूरी पर। 10 PM के बाद आने वाली ट्रेनों पर भी ऑटो मिलते हैं, लेकिन रात में मैं होटल से लोकेशन शेयर करता हूँ और जाने-पहचाने ड्राइवर लेता हूँ।

प्लेटफॉर्म इंक्वायरी और त्योहार स्पेशल

स्टेशन इंक्वायरी 139 या डिस्प्ले बोर्ड त्योहार स्पेशल के प्लेटफॉर्म बताते हैं — जन्माष्टमी हफ्ते की ट्रेनें प्लेटफॉर्म 1 पर न हों। फोन पर ई-टिकट काफी है; मूल आईडी साथ रखें। चाय की दुकान सुबह 5 AM खुलती है; AC वेटिंग लाउंज नहीं — सर्दियों की रात इंतज़ार के लिए शॉल रखें।

संपादक की स्थानीय सलाह

द्वारका स्टेशन पर प्लेटफॉर्म की उलझन से ज़्यादा प्रीपेड प्लानिंग काम आती है। सूर्योदय से पहले या देर रात पहुँचें तो होटल का नंबर हाथ में रखें, और एक-दो ड्राइवर से भाड़ा पूछकर ही मुख्य ऑटो स्टैंड की ओर निकलें।

आम गलती

यात्री मान लेते हैं कि स्टेशन से ऑटो का फिक्स्ड टैरिफ है, और कतार कहाँ चल रही है यह देखे बिना पहली बोली मान लेते हैं।

जाने से पहले जाँचें

अपनी ट्रेन का प्लेटफॉर्म, संभावित देरी, और आपके पहुँचने के घंटे ऑटो या होटल पिकअप उपलब्ध है या नहीं — यह पुष्टि कर लें।

द्वारका रेलवे स्टेशन द्वारका रेलवे स्टेशन कोड DWK स्टेशन द्वारका ट्रेन ओखा रेलवे स्टेशन
DH

लेखक

Dharmendra Hadiyal

मुख्य संपादक और तीर्थ गाइड · स्वतंत्र द्वारका यात्रा गाइड

अंतिम अपडेट: June 4, 2026

हम मंदिर समय, मार्ग और किराया सूचना-पट्ट तथा यात्रियों की ताज़ा जानकारी से जाँचते हैं। देखें हमारा संपादकीय नीति.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

द्वारका से जुड़े आम प्रश्न

दर्शन समय, पहुँच, वस्त्र और बजट — यात्री सबसे अधिक यही पूछते हैं।

स्टेशन कोड DWK है।

लगभग 1.5 km — शहर से पैदल करीब 15 मिनट, या ऑटो से 5 मिनट, ₹30–₹50।

अहमदाबाद, मुंबई, राजकोट और वाराणसी (सीज़न के अनुसार) से सीधी सेवा है। दिल्ली से आमतौर पर अहमदाबाद या राजकोट में बदलाव पड़ता है।

द्वारका यात्रा की योजना बना रहे हैं?

दर्शन समय, पहुँचने का मार्ग, पास के मंदिर और ठहरने की जगह — हमने सब एक जगह लिखा है, ताकि आप यात्रा पर ध्यान दे सकें। जय द्वारकाधीश।